अष्टकूट मिलान दो कुंडलियों को 8 कूटों और 36 गुणों पर परखता है। DashaGuru पूरा ब्रेकडाउन देता है — और सबसे ज़रूरी, वे दोष-निवारण (cancellation) जाँचता है जो ज़्यादातर ऐप छोड़ देती हैं — ताकि कोई अच्छा रिश्ता ग़लत वजह से ठुकराया न जाए।
वर्ण (1), वश्य (2), तारा (3), योनि (4), ग्रह मैत्री (5), गण (6), भकूट (7) और नाड़ी (8) — हर कूट रिश्ते का एक पहलू परखता है: स्वभाव, भाग्य, सोच, स्वास्थ्य।
अकेले भकूट और नाड़ी 36 में से 15 अंक रखते हैं। इन्हीं के दोष परिवारों को सबसे ज़्यादा डराते हैं — और यहीं निवारण के नियम सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं।
परंपरा में 18+ स्वीकार्य, 25+ बहुत अच्छा। पर कुल से ज़्यादा यह मायने रखता है कि कौन-से कूट मिले — पंडित जी हर पंक्ति सरल भाषा में समझाते हैं।
रूखा हाँ/नहीं वाला “मांगलिक” ठप्पा हर शादी के मौसम में अच्छे रिश्ते तोड़ता है। DashaGuru शास्त्रीय अपवाद अपने-आप लागू करता है।
लग्न, चंद्र और शुक्र — तीनों से जाँच होती है, फिर शास्त्रीय निवारण लागू होते हैं: दोनों मांगलिक, मंगल स्वराशि या उच्च का, शुभ दृष्टि और बहुत कुछ। अक्सर “दोष” पहले से ही निरस्त मिलता है।
एक-नाड़ी और भकूट दोषों के भी शास्त्रीय अपवाद हैं — जैसे एक राशि पर अलग नक्षत्र। हम रिश्ता सीधे फेल करने की जगह ये अपवाद जाँचते हैं।
सिर्फ़ “24/36” नहीं। पंडित जी बताते हैं क्या मज़बूत है, किस पर ध्यान चाहिए, और इन अंकों का साथ की ज़िंदगी के लिए मतलब क्या है।
पहले चुपचाप मिलाकर देख लीजिए। किसी से कुछ साझा नहीं होता — नतीजा सिर्फ़ आपका है।
पूरा 36-गुण ब्रेकडाउन, दोष-निवारण की जाँच, हर कूट की सरल व्याख्या — निजी तौर पर, मिनटों में।